अपने घर में राधा-कृष्ण का स्वागत कर प्रेममयी सेवा का सौभाग्य पाइए। युगल सरकार को अतिथि बनाकर उनका स्वागत, पूजन, आरती और भोग अर्पण करें, तथा उनके चरणों में बैठकर दिव्य सान्निध्य का अनुभव करें। यह ध्यान हृदय में भक्ति, शरणागति और भगवान से आत्मीय संबंध को गहरा करता है।