हमें अपनी दोष ढूँढने की प्रवृत्ति को दूसरों की ओर नहीं, बल्कि अपनी कमियों को देखने में लगाना चाहिए। यह ठीक वैसा ही है जैसे काँटा निकालते समय क्षण भर के लिए दर्द होता है, पर उसके बाद बड़ा आराम मिलता है।

हमें अपनी दोष ढूँढने की प्रवृत्ति को दूसरों की ओर नहीं, बल्कि अपनी कमियों को देखने में लगाना चाहिए। यह ठीक वैसा ही है जैसे काँटा निकालते समय क्षण भर के लिए दर्द होता है, पर उसके बाद बड़ा आराम मिलता है।

The Art & Science of Happiness11 Dec 2025