जब हम अपने बारे में नकारात्मक सोचते हैं, तो वह विचार धीरे-धीरे अवचेतन में उतर जाता है और हमें भीतर से कड़वा और दुःखी बना देता है। इसके विपरीत, सकारात्मक आत्मसंवाद हमारे मन को प्रेरित कर उत्थान की ओर ले जाता है।
Science of Mind Management — 09 Dec 2025