यदि बचपन से ही भक्ति आरम्भ कर दी जाए, तो जीवन और मूल्य शुरुआत से ही बदल जाते हैं। अच्छे संस्कार, साफ सोच और आंतरिक शक्ति हमें जीवनभर संभालती है। कई लोग सोचते हैं कि बुढ़ापे में भगवान को याद करेंगे पर यदि वह समय कभी आए ही नहीं तो?

यदि बचपन से ही भक्ति आरम्भ कर दी जाए, तो जीवन और मूल्य शुरुआत से ही बदल जाते हैं। अच्छे संस्कार, साफ सोच और आंतरिक शक्ति हमें जीवनभर संभालती है। कई लोग सोचते हैं कि बुढ़ापे में भगवान को याद करेंगे पर यदि वह समय कभी आए ही नहीं तो?

Right age to start doing Devotion14 Nov 2025